भारत में सबसे बड़ा, लम्बा, एवं ऊँचा स्थान – Part – 02

दक्षिण भारतीय या प्रायदीपीय नदियों में गोदावरी सबसे लम्बी नदी हैं |डेल्टा न बनाने वाली नदियों में नर्मदा नदी सबसे बड़ी हैं | इसकी लम्बाई 1315 किमी० हैं |

भारत में सबसे बड़ा, लम्बा, एवं ऊँचा स्थान Part – 01

गंगा नदी की लम्बाई 2525 किमी० या 1569 मील हैं |यह भारत की राष्ट्रीय नदी हैं |यमुना नदी,गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी हैं|इसकी लम्बाई 1376 किमी० या 855 मील हैं|

भारत और विश्व की झीलों से सम्बंधित प्रमुख तथ्य

इस पोस्ट में भारत और विश्व की झीलों से सम्बंधित प्रमुख तथ्य के बारे में बताया गया है | परीक्षा की दृष्टिकोण से ये काफी महत्वपूर्ण है |

मैदान, जलसंधिया और जलडमरूमध्य – भौतिक भूगोल

द्वितीयक श्रेणी के उच्चावचो में मैदान का सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान है | विश्व के स्थाल्मंडल के 41% भू-भाग पर मैदानी भाग, 33% पर पठार तथा 26% भू-भाग पर पर्वत और पहाड़िया विस्तृत है |

पर्वत और इसके प्रकार – स्थलमंडल – भौतिक भूगोल

पर्वत निर्माण एक क्रमिक प्रक्रिया है तथा पर्वत निर्माण की यह प्रक्रिया कई युगों तक चलता रहती है| इसी आधार पर पर्वतों को कई भागो में बाटा गया है|

पठार – भूपटल के उच्चावच – भौतिक भूगोल – भाग 8

द्वितीयक क्रम के उच्चावच का पृथ्वी के 1/3 भाग पर विस्तार है | पठार वह ढाल है जिसका कोई एक ढाल आस – पास के इलाको से ऊँचा तथा खड़े ढाल वाला होता है | इसका शिखर या ऊपरी भाग सपाट या चपटा होता है |

अपक्षय और अपरदन के फलस्वरूप बनी कुछ महत्वपूर्ण आक्रितिया

अपक्षय और अपरदन के फलस्वरूप बहुत सी आकृतियों का निर्माण होता है जिनमे प्रमुख रूप से U आकार की घाटी, V आकार की घाटी, जलोढ़ पंख, लोयस, बरखान आदि आकृतिया शामिल है | इन्ही क्रियाओ से सम्बंधित बनी अक्रितियाओं के विषय में संक्षिप्त जानकारी दी गयी है |

बहिर्जात बल – अपक्षय एवं अपरदन – भौतिक भूगोल – भाग 7

बहिर्जात बल – अपक्षय एवं अपरदन बहिर्जात बल का प्रमुख कारण भूपटल पर नये स्थलाकृतियों का निर्माण करने के साथ - साथ आकृतियों के संरचना में भी परिवर्तन लाना है | इसके…

ज्वालामुखी और इसके प्रकार – भौतिक भूगोल – भाग 6

ज्वालामुखी भूपर्पटी में वह छिद्र होता है जिससे पिघले शैल पदार्थ तीव्र अथवा मंद गति से बाहर निकलते हैं पदार्थों के बाहर निकलने की गति उद्गार की तीव्रता पर निर्भर करती है।

भूकंप – कारण व वितरण और सुनामी – भौतिक भूगोल – भाग 5

महासागरीय भूकंपों से महासागरों में उत्पन्न बहुत लंबी व कम कंपन वाले समुद्री लहरें । इनका ज्वारीय तरंगों से कोई संबंध नहीं होता है। सुनामी लहरों के साथ जल की गति संपूर्ण गहराई तक होती है इसलिए अधिक प्रलयकारी होती है।

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